Sunday, June 14, 2026

🌹 बेटी 🌹

उनके लिए जो कहते हैं बेटी पराया धन है, अपने घर में मेहमान होती है, उसका कन्यादान किया जाता है...  

मै कन्यादान शब्द के खिलाफ हूं। मै बेटी के स्वतंत्र अस्तित्व का समर्थन करता हूं 

मेरे विचार से मां बाप का कर्तव्य सिर्फ बेटी के विवाह तक सीमित नहीं होता 🙏🙏


बेटी है तू मालिक है

अपने घर  में मेहमान नहीं

हां ख़ुद का अस्तित्व है तेरा 

दान का तू सामान नहीं


अंत समय तक साथ निभाने

वाला कोई प्रण है तू

मां बापू की जान है तू तो

नहीं पराया धन है तू


मान बढ़ाना सबका पर

खुद भी सहना अपमान नहीं

हां खुद का अस्तित्व है तेरा

दान का तू सामान नहीं


जल्दी जल्दी के चक्कर में 

बाद में मन ना पछताये 

गलत निर्णयों से अच्छा है

सही देर से हो जाये


शान से ब्याह करूंगा तेरा

कोई कन्या-दान नहीं

हां खुद का अस्तित्व है तेरा

दान का तू सामान नहीं


DushYant