Saturday, September 27, 2008

असली आतंकवादी ASALI AATANKWAADI

बाँटती आतंकियों को कानूनी मदद और
अगले धमाके का जो करे इन्तज़ार है
कोई मरे कोई जिये,इसे कोई फर्क नहीं
असली आतंकवादी,खुद सरकार है

मरें जो हज़ारों इन्हें कोई भी शरम नही
हत्यारों के लिये सिर्फ मानवाधिकार है
कहते कङाई से मुक़ाबला करेंगे हम
पर कुछ ना करें,धिक्कार है धिक्कार है

भूल के जो बलिदान, संसद के शहीदों का
आतंकी को फाँसी ना दो हो रही गुहार है
मेडल वापस लेते आई ना शरम हाय
प्रजातंत्र का ये सरे आम बलात्कार है

Friday, May 30, 2008

क्या कहिये KYA KAHIYE

कौन सा रिश्ता सच्चा है अब
किस रिश्ते को क्या कहिये
अपने ही जब ज़ख्म दे रहे
बेगानों को क्या कहिये
ना जाने क्या किया है हमने
किसी से कोई बैर नहीं
क़त्ल किया है हमको जिसने
यारों वो भी ग़ैर नहीं
झूठ की नैया तैर रही है
सच का माझी सोया है
हर रिश्ते ने ग़म के सागर
मे बस हमें डुबोया है
माला के मोतियों से बिखरे
अरमानों को क्या कहिये
अपने ही जब ज़ख्म दे रहे
बेगानों को क्या कहिये

क्रष्णमय KRISHNAMAY

जय क्रष्ण मुरारी, जन सुखकारी,
क्रपा करहु सुर भूपा
जय मंगलकारी, सब दुखहारी,
कष्ट हरो सुख रूपा
हे नाथ हमारे, कान्हा प्यारे,
रूप तुम्हार अनूपा
जो तुमको ध्यावैं, सब सुख पावैं,
सो ना परै भव कूपा|
भव सिन्धु अगाधा, चहुँ दिसि बाधा,
अब तो हम हैं डुबैया
हम तो हैं अनाथी, संग ना साथी,
तात मात नहिं भैया
हम निपट अभागे, डूबन लागे,
अब तो आओ खेवैया
जय बंसी बजैया, धेनु चरैया,
पार करो मेरी नैया

Wednesday, April 2, 2008

कलम तोङ शायर KALAM TOD SHAYAR

कलम तोङ लिख रहे शायरी, वाह रे भैया
लिख लिख भर दी खूब डायरी वाह रे भैया
कभी शेर के कान मरोङें, वाह रे भैया
नज़्मों की भी टांगे तोङें, वाह रे भैया
क्या है शायरी पता नहीं, लिखते जाते हैं
बङे भयानक शायर ये दिखते जाते हैं
ना दोहा ना छन्द रुबाई मुक्तक जानें
फिर भी इनको कवि यहां सब तगङा माने
ग़लत जो इनको कहे, खैर उसकी ना भैया
डुबो के छोङेंगे ये तो साहित्य की नैया
ऐसे कवियों के नज़दीक ना भूल के जाओ
है बन्दर के हाथ उस्तरा, प्रभू बचाओ
ओट शिखन्डी की लेकर वो लङ जाते हैं
भूल युद्ध के नियम, वो कुछ भी कर जाते हैं
अभी करेगी सेना उनकी ता ता थैया
कलम तोङ फिर होगी शायरी, वाह रे भैया|

Friday, March 28, 2008

वन्दे मातरम VANDE MATARAM

केसरिया वो तिलक लगा के
देश भक्ति के भाव जगा के
आज़ादी की अलख जगा के
मिल के गायें हम
वन्दे मातरम...
वन्दे मातरम
दुनियाँ भर मे हम छा जायें
भारत माँ की शान बढायें
सच के रस्ते बढते जायें
फिर दोहरायें हम
वन्दे मातरम...
वन्दे मातरम
भेद भाव सब दूर भगा के
भारत से आतंक मिटा के
जान का अपनी दाँव लगा के
बढते जायें हम
वन्दे मातरम...
वन्दे मातरम

नाथन के नाथ अनाथ हैं हम NATHAN KE NATH ANATH HAIN HUM

नाथन के नाथ अनाथ हैं हम,
फिर आन ना संकट क्यू हरते
कहते हैं दीन दयाल हो तुम,
इस दीन की पीर न क्यूं हरते
क्यूं काम मोरे बिगरे सगरे,
तुम आकर राह दिखा जाओ
सब रिश्ते नाते झूठ हुए,
पितु मातु तुम्हीं हो निभा जाओ जाओ
बस हौंस तुम्हारे नाम की है,
इस नाम से ही सब दुख डरते
नाथन के नाथ अनाथ हैं हम,
फिर आन ना संकट क्यू हरते

जाने क्यूँ???

दिल मे कोई बात नहीं है
कोई भी जज़्बात नहीं है
इन्तज़ार की बात नहीं है
फिर भी तकता राह किसी की

ग़म का कोई नहीं अन्धेरा
नहीं खुशी का कोई सवेरा
ना अरमानों का कोई डेरा
फिर भी तकता राह किसी की

कोई फूल ना खिलने वाला
नहीं कोई भी मिलने वाला
जाम न साक़ी, खाली प्याला
फिर भी तकता राह किसी की

इक तरफा इक़रार है शायद
बिना कहे इज़हार है शायद
हुआ नहीं, पर प्यार है शायद
फिर भी तकता राह किसी की