ude neend sukh chain sab, jeena hua haram
kahe ko banwa diye, prabhu tumne exam
jai exam maha dukhdai-kyo aa jate ho harjai
kuchh tumhra hamne na bigada- par tumne hum ko he pachhada
teacher bhoot nisachar laage - examiner rakshas kehlave
lage principal ka rukh aisa - jyo yam raj chale bin bhainsa
raat raat jag kari padhai - par sasuri kuchh kaam na aai
paper dekh dukhi mann gaave - yeh paper setter mar jaave
khud biwi se pit kar aaya - lekin hamra band bajaya
hue sabhi subject bewafa - raat me ghote subah sab safa
mandir me parsad chadhaya - lekin wo bhi kaam na aaya
zalim hue physics chemistry - daga de gai sasuri history
jisne bhi commerce banai - uski jam kar karo thukai
science wale tu bhi aa ja- tera jaldi uthe janaja
art side jisne banwai - usko peete roz lugai
maths creater ho jaaye kana - geography ka mar jaaye nana
jo copy kitab chhapwaye - prabhu uska business bik jaaye
ghar ke bahar khilti holi - apne dil per chalti goli
yar dost sab mauj udave - hum syllabus le sar fudwaave
jab se paper ki ritu aai - girl friend bhi naahi ghumai
padho to yar dost sab chhute - nahi padho to bapu koote
burger pizza chhutat jaave - mumma nit badam khilave
kahe dushyant taste sab chhuta - paper aaye naseeba phoota
dada ne dukh aisa deena - mobile bhi hamra chheena
chhute orkut face bookai - off line ab rehte bhai
padhne tak he theek tha, kahe bane exam
aise system ka prabhu, kar de kaam tamam. draft
Sunday, March 6, 2011
exam chalisa
ude neend sukh chain sab, jeena hua haram
kahe ko banwa diye, prabhu tumne exam
jai exam maha dukhdai-kyo aa jate ho harjai
kuchh tumhra hamne na bigada- par tumne hum ko he pachhada
teacher bhoot nisachar laage - examiner rakshas kehlave
lage principal ka rukh aisa - jyo yam raj chale bin bhainsa
raat raat jag kari padhai - par sasuri kuchh kaam na aai
paper dekh dukhi mann gaave - yeh paper setter mar jaave
khud biwi se pit kar aaya - lekin hamra band bajaya
hue sabhi subject bewafa - raat me ghote subah sab safa
mandir me parsad chadhaya - lekin wo bhi kaam na aaya
zalim hue physics chemistry - daga de gai sasuri history
jisne bhi commerce banai - uski jam kar karo thukai
science wale tu bhi aa ja- tera jaldi uthe janaja
art side jisne banwai - usko peete roz lugai
maths creater ho jaaye kana - geography ka mar jaaye nana
jo copy kitab chhapwaye - prabhu uska business bik jaaye
ghar ke bahar khilti holi - apne dil per chalti goli
yar dost sab mauj udave - hum syllabus le sar fudwaave
jab se paper ki ritu aai - girl friend bhi naahi ghumai
padho to yar dost sab chhute - nahi padho to bapu koote
burger pizza chhutat jaave - mumma nit badam khilave
kahe dushyant taste sab chhuta - paper aaye naseeba phoota
dada ne dukh aisa deena - mobile bhi hamra chheena
chhute orkut face bookai - off line ab rehte bhai
padhne tak he theek tha, kahe bane exam
aise system ka prabhu, kar de kaam tamam.
kahe ko banwa diye, prabhu tumne exam
jai exam maha dukhdai-kyo aa jate ho harjai
kuchh tumhra hamne na bigada- par tumne hum ko he pachhada
teacher bhoot nisachar laage - examiner rakshas kehlave
lage principal ka rukh aisa - jyo yam raj chale bin bhainsa
raat raat jag kari padhai - par sasuri kuchh kaam na aai
paper dekh dukhi mann gaave - yeh paper setter mar jaave
khud biwi se pit kar aaya - lekin hamra band bajaya
hue sabhi subject bewafa - raat me ghote subah sab safa
mandir me parsad chadhaya - lekin wo bhi kaam na aaya
zalim hue physics chemistry - daga de gai sasuri history
jisne bhi commerce banai - uski jam kar karo thukai
science wale tu bhi aa ja- tera jaldi uthe janaja
art side jisne banwai - usko peete roz lugai
maths creater ho jaaye kana - geography ka mar jaaye nana
jo copy kitab chhapwaye - prabhu uska business bik jaaye
ghar ke bahar khilti holi - apne dil per chalti goli
yar dost sab mauj udave - hum syllabus le sar fudwaave
jab se paper ki ritu aai - girl friend bhi naahi ghumai
padho to yar dost sab chhute - nahi padho to bapu koote
burger pizza chhutat jaave - mumma nit badam khilave
kahe dushyant taste sab chhuta - paper aaye naseeba phoota
dada ne dukh aisa deena - mobile bhi hamra chheena
chhute orkut face bookai - off line ab rehte bhai
padhne tak he theek tha, kahe bane exam
aise system ka prabhu, kar de kaam tamam.
Tuesday, September 28, 2010
श्री राम जन्म भूमि की कथा shri ram janm bhoomi ki katha
बात सैंकड़ों साल पुरानी है मै तुम्हें सुनाता हूँ
दशरथ नन्दन जन्म भूमि की कथा तुम्हें बतलाता हूँ
कल कल कलरव करती सरयू शान्त अवध में बहती थी
राम चरण रज कण पाने को पर व्याकुल सी रहती थी
माँ सरयू की इस पीड़ा को जब ब्रह्माण्ड ने जाना
तभी अयोध्या की धरती पर हुआ राम का आना
जन्मे खेले पले बढे़ और पुरुषोत्तम कहलाये
दे कर स्थायित्व धरा को वे निज धाम सिधाये
धरा के उस पावन टुकड़े को फ़िर था सबने सँवारा
राम जन्म भूमि कह कर के सबने उसे पुकारा
सुन्दर सा इक मन्दिर था वह लोग वहाँ पर जाते थे
राम लला के दर्शन करने दूर दूर से आते थे
लेकिन समय ने करवट बदली काला बादल छाया
बाबर नामक दुष्ट राक्षस हिन्द धरा पर आया
ढहा दिया उसने वह मन्दिर इक मस्जिद बनवाई
कालान्तर में वही बाबरी मस्जिद थी कहलाई
डरे डरे से सहमे हिन्दू भयाक्रान्त ही रहते थे
चुप रह मुग़ल शहंशाहों के अत्याचार को सहते थे
औरंगज़ेब निशाचर ने तो जजिया भी लगवाया
लेकिन हाय वो निर्बल हिन्दू फ़िर भी जाग ना पाया
सदियाँ लगीं बीतने फ़िर कुछ किरन आस की जागी
बरसों से सोते हिन्दू की सुप्तावस्था भागी
ढहा दिया फ़िर सबने मिलकर वह विवाद का ढांचा
बच्चा प्रसन्न होकर झूम झूम कर नाचा
मिली सफ़लता पर दुष्यन्त की बात हुई ना पूरी है
जब तक मन्दिर बन ना जाये, कविता मेरी अधूरी है
दशरथ नन्दन जन्म भूमि की कथा तुम्हें बतलाता हूँ
कल कल कलरव करती सरयू शान्त अवध में बहती थी
राम चरण रज कण पाने को पर व्याकुल सी रहती थी
माँ सरयू की इस पीड़ा को जब ब्रह्माण्ड ने जाना
तभी अयोध्या की धरती पर हुआ राम का आना
जन्मे खेले पले बढे़ और पुरुषोत्तम कहलाये
दे कर स्थायित्व धरा को वे निज धाम सिधाये
धरा के उस पावन टुकड़े को फ़िर था सबने सँवारा
राम जन्म भूमि कह कर के सबने उसे पुकारा
सुन्दर सा इक मन्दिर था वह लोग वहाँ पर जाते थे
राम लला के दर्शन करने दूर दूर से आते थे
लेकिन समय ने करवट बदली काला बादल छाया
बाबर नामक दुष्ट राक्षस हिन्द धरा पर आया
ढहा दिया उसने वह मन्दिर इक मस्जिद बनवाई
कालान्तर में वही बाबरी मस्जिद थी कहलाई
डरे डरे से सहमे हिन्दू भयाक्रान्त ही रहते थे
चुप रह मुग़ल शहंशाहों के अत्याचार को सहते थे
औरंगज़ेब निशाचर ने तो जजिया भी लगवाया
लेकिन हाय वो निर्बल हिन्दू फ़िर भी जाग ना पाया
सदियाँ लगीं बीतने फ़िर कुछ किरन आस की जागी
बरसों से सोते हिन्दू की सुप्तावस्था भागी
ढहा दिया फ़िर सबने मिलकर वह विवाद का ढांचा
बच्चा प्रसन्न होकर झूम झूम कर नाचा
मिली सफ़लता पर दुष्यन्त की बात हुई ना पूरी है
जब तक मन्दिर बन ना जाये, कविता मेरी अधूरी है
Wednesday, August 11, 2010
खेलों के खेल में Khelo ke khel me
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
हमको दिखा के ख्वाब तरक्की के मुल्क की
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मँहंगाई की जब मार से जनता थी रो रही
वो मोतियों के हार महल में पिरो रही
हम भी फ़से हुए थे दूध घी और तेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
जनता की कमाई लुटी भूखा मरा किसान
ईमान के कदमों के भी अब मिट गये निशान
उलझा के हमें ज़िन्दगी की रेल पेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
भूखे खिलाड़ी बैठे हैं मेडल की आस में
भारत का नाम ऊँचा उठाने की प्यास में
बेखौफ़ कत्ल उनके भी अरमानों का करके
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मनमोहना मजबूरी की बंसी बजा रहा
और रास लीला कंस मस्त हो रचा रहा
बेची है राजधानी पूतना ने सेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
शायद वो जानते नहीं हैं हश्र क्या होना
खानी हैं रोटियाँ ही ना चांदी नहीं सोना
पहुँचायेगी जनता उन्हें जल्दी ही जेल में
जो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
http://www.youtube.com/watch?v=wbR1d61x3PI
हमको दिखा के ख्वाब तरक्की के मुल्क की
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मँहंगाई की जब मार से जनता थी रो रही
वो मोतियों के हार महल में पिरो रही
हम भी फ़से हुए थे दूध घी और तेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
जनता की कमाई लुटी भूखा मरा किसान
ईमान के कदमों के भी अब मिट गये निशान
उलझा के हमें ज़िन्दगी की रेल पेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
भूखे खिलाड़ी बैठे हैं मेडल की आस में
भारत का नाम ऊँचा उठाने की प्यास में
बेखौफ़ कत्ल उनके भी अरमानों का करके
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मनमोहना मजबूरी की बंसी बजा रहा
और रास लीला कंस मस्त हो रचा रहा
बेची है राजधानी पूतना ने सेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
शायद वो जानते नहीं हैं हश्र क्या होना
खानी हैं रोटियाँ ही ना चांदी नहीं सोना
पहुँचायेगी जनता उन्हें जल्दी ही जेल में
जो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
http://www.youtube.com/watch?v=wbR1d61x3PI
Wednesday, February 3, 2010
ये इस्क नहीं आसान डियर
ये इस्क नहीं आसान डियर
तगड़े-तगड़े इसमें हैं फ़ियर
बहुतै टेन्सन करवावत है
बिन बात के ये पिटवावत है
कुछ अनुभव आज सुनाइब हम
डाइरेक्ट फ़िलिम दिखवाइब हम
इक दिन हम कालेज जात रहैं
कुछ मन ही मन मुसकात रहैं
मोटरसाइकिल कावासाकी
हम करत रहैं ताका झाँकी
इक सुन्दर कन्या ताड़ लिये
दोनो आँखें फ़ुल फ़ाड़ लिये
वो लट झटकावत आवत थी
चंचल नैना मटकावत थी
वो चपल चंचला सी बाला
बच्चन की थी फ़ुल मधुशाला
हम हू स्टाइल मार दिये
स्पीड की सीमा पार किये
स्टन्ट सभी हम झोंक दिये
खम्भे मा बाइक ठोंक दिये
वो कहाँ गयी ना जान पडे़
बस हम गोबर मा आन पडे़
टूटी हड्डी टूटे थे गियर
ये इस्क नहीं आसान डियर
तगड़े-तगड़े इसमें हैं फ़ियर
बहुतै टेन्सन करवावत है
बिन बात के ये पिटवावत है
कुछ अनुभव आज सुनाइब हम
डाइरेक्ट फ़िलिम दिखवाइब हम
इक दिन हम कालेज जात रहैं
कुछ मन ही मन मुसकात रहैं
मोटरसाइकिल कावासाकी
हम करत रहैं ताका झाँकी
इक सुन्दर कन्या ताड़ लिये
दोनो आँखें फ़ुल फ़ाड़ लिये
वो लट झटकावत आवत थी
चंचल नैना मटकावत थी
वो चपल चंचला सी बाला
बच्चन की थी फ़ुल मधुशाला
हम हू स्टाइल मार दिये
स्पीड की सीमा पार किये
स्टन्ट सभी हम झोंक दिये
खम्भे मा बाइक ठोंक दिये
वो कहाँ गयी ना जान पडे़
बस हम गोबर मा आन पडे़
टूटी हड्डी टूटे थे गियर
ये इस्क नहीं आसान डियर
Saturday, November 28, 2009
CHALAN
लुट पिट हार - छोङ घर औ व्यापार
हम भरन चालान आज न्यायालय आ गये
पर लुटी मौज देख वकीलों की फौज
जैसे कई भस्मासुर आज धरती पे छा गये
कोई कहे बेल होगी कोई कहे जेल होगी
बचने को हमसा वकील कर लीजिये
चाहते बचानी जान कहना ये लीजे मान
ढाई लाख लगेंगे अपील कर लीजिये
इतना डराया हमें, इतना सताया हमें
हम घबरा गये, पसीने से नहा गये
घर औ दुकान कर वकीलों के नाम
हम छोङ के सामान सब हॉस्पिटल आ गये
फिर ले चालान चले कोर्ट में वकील
पेश की ऐसी दलील के हिसाब कर लीजिये
बन्दा है गरीब, पङा मौत के क़रीब
फूटा इसका नसीब, इसे माफ कर दीजिये.....
हम भरन चालान आज न्यायालय आ गये
पर लुटी मौज देख वकीलों की फौज
जैसे कई भस्मासुर आज धरती पे छा गये
कोई कहे बेल होगी कोई कहे जेल होगी
बचने को हमसा वकील कर लीजिये
चाहते बचानी जान कहना ये लीजे मान
ढाई लाख लगेंगे अपील कर लीजिये
इतना डराया हमें, इतना सताया हमें
हम घबरा गये, पसीने से नहा गये
घर औ दुकान कर वकीलों के नाम
हम छोङ के सामान सब हॉस्पिटल आ गये
फिर ले चालान चले कोर्ट में वकील
पेश की ऐसी दलील के हिसाब कर लीजिये
बन्दा है गरीब, पङा मौत के क़रीब
फूटा इसका नसीब, इसे माफ कर दीजिये.....
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