Friday, August 13, 2010

http://www.youtube.com/v/HvHOCqbA6rE

Wednesday, August 11, 2010

खेलों के खेल में Khelo ke khel me

वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
हमको दिखा के ख्वाब तरक्की के मुल्क की
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मँहंगाई की जब मार से जनता थी रो रही
वो मोतियों के हार महल में पिरो रही
हम भी फ़से हुए थे दूध घी और तेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
जनता की कमाई लुटी भूखा मरा किसान
ईमान के कदमों के भी अब मिट गये निशान
उलझा के हमें ज़िन्दगी की रेल पेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
भूखे खिलाड़ी बैठे हैं मेडल की आस में
भारत का नाम ऊँचा उठाने की प्यास में
बेखौफ़ कत्ल उनके भी अरमानों का करके
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
मनमोहना मजबूरी की बंसी बजा रहा
और रास लीला कंस मस्त हो रचा रहा
बेची है राजधानी पूतना ने सेल में
वो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में
शायद वो जानते नहीं हैं हश्र क्या होना
खानी हैं रोटियाँ ही ना चांदी नहीं सोना
पहुँचायेगी जनता उन्हें जल्दी ही जेल में
जो खेल गये खेल यूँ खेलों के खेल में

http://www.youtube.com/watch?v=wbR1d61x3PI

Wednesday, February 3, 2010

ये इस्क नहीं आसान डियर

ये इस्क नहीं आसान डियर
तगड़े-तगड़े इसमें हैं फ़ियर
बहुतै टेन्सन करवावत है
बिन बात के ये पिटवावत है
कुछ अनुभव आज सुनाइब हम
डाइरेक्ट फ़िलिम दिखवाइब हम
इक दिन हम कालेज जात रहैं
कुछ मन ही मन मुसकात रहैं
मोटरसाइकिल कावासाकी
हम करत रहैं ताका झाँकी
इक सुन्दर कन्या ताड़ लिये
दोनो आँखें फ़ुल फ़ाड़ लिये
वो लट झटकावत आवत थी
चंचल नैना मटकावत थी
वो चपल चंचला सी बाला
बच्चन की थी फ़ुल मधुशाला
हम हू स्टाइल मार दिये
स्पीड की सीमा पार किये
स्टन्ट सभी हम झोंक दिये
खम्भे मा बाइक ठोंक दिये
वो कहाँ गयी ना जान पडे़
बस हम गोबर मा आन पडे़
टूटी हड्डी टूटे थे गियर
ये इस्क नहीं आसान डियर

Saturday, November 28, 2009

CHALAN

लुट पिट हार - छोङ घर औ व्यापार
हम भरन चालान आज न्यायालय आ गये
पर लुटी मौज देख वकीलों की फौज
जैसे कई भस्मासुर आज धरती पे छा गये

कोई कहे बेल होगी कोई कहे जेल होगी
बचने को हमसा वकील कर लीजिये
चाहते बचानी जान कहना ये लीजे मान
ढाई लाख लगेंगे अपील कर लीजिये

इतना डराया हमें, इतना सताया हमें
हम घबरा गये, पसीने से नहा गये
घर औ दुकान कर वकीलों के नाम
हम छोङ के सामान सब हॉस्पिटल आ गये

फिर ले चालान चले कोर्ट में वकील
पेश की ऐसी दलील के हिसाब कर लीजिये
बन्दा है गरीब, पङा मौत के क़रीब
फूटा इसका नसीब, इसे माफ कर दीजिये.....

Monday, May 11, 2009

please join a new community on orkut
ONLY BAKWAS n enjoy the bakwas
http://www.orkut.co.in/Main#Community.aspx?cmm=87451766

Tuesday, February 10, 2009

VALENTINE DAY

कहते हैं इश्क़ तो बन्धन है जन्मों जन्मों का
एक दिन में सभी जनम वो निभा लेते हैं
नुमाइश कर के चन्द लमहों की
इस तरह जश्ने मुहब्बत वो मना लेते हैं

बेज़ुबाँ इश्क़ जो अन्धा भी है और पागल भी
ऐसे मासूम को कैसी ये सज़ा देते हैं
पाक सी चीज़ जो खुदा से मिलती जुलती थी
करके नापाक उसे सङकों पे ला देते हैं

महँगे तोहफों से तौल कर दिल को
प्यार की बोलियाँ वो खूब लगा लेते हैं
भूख और प्यास ना समझे जो नाम पर उसके
भूखी नज़रों से हरेक प्यास बुझा लेते हैं

इस तरहा जश्ने मुहब्बत वो मना लेते हैं.....